निरंजन बीमार है......बहुत बीमार ........उसे आपके दुवाओं की ज़रूरत है
मेरे पड़ोस में चाय की एक छोटी सी दुकान चलने वाले सुदामा भाई का छोटा लड़का निरंजन (5 वर्ष) कैंसर से पीड़ित है....
इलाज के दौरान उसका दाहिना आँख निकलना पड़ा....मगर कैंसर अपना रंग दिखला रहा है.....बात आगे बढ़ गयी है...पुनः
उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है.....
जब वो ठीक था तो मेरे ऑफिस के सामने हीं खेलता रहता था......अंदाज़ कुछ ऐसा की मन मोह ले .......मै सुदामा भाई से चाय लाने ले जाने के क्रम में यही कहता था की इसका नाम बम भोला रख दीजिये ......एक दम शांत बच्चा मगर मस्ती में कब ज़मीं में लोटने लगे कोई नहीं जानता.......रंग वही क्रष्ण भगवन वाला....हरकत शंकर भागवान वाली.....बोलने में थोडा कंजूस ......दस बार पूछने पर एक टुक भोजपुरी में जवाब देना और फिर लम्बे समय तक चुप-चाप किसी दुसरे बदमाशी की तेयारी में लग जाना........एक बार अंगूर वाले से अंगूर खरीद कर उसे दिया था .......उसके बाद जब भी अंगूर वाला ऑफिस के आस पास आता निरंजन भाग कर मेरे ऑफिस के सामने आकर खड़ा हो जाता.......शुरू शुरू में तो मुझे समझ में नहीं आया मगर बहुत जल्द समझ गया की निरंजन का आना अंगूर वाले के आने की निशानी है.......ऐसी कई बात मुझे याद आती है जिससे मै अपने बचपन में गोते लगा लेता हूँ......
मगर शायद खुदा को कुछ और मंज़ूर था.......अभी वो कलकत्ता के किसी अस्पताल में अपने बीमारी से लड़ रहा है......उसे पैसे की ज़रूरत है ........सरकार की मदद की प्रक्रिया इतनी सुस्त है की मुझे अपने कुछ साथियों के मदद से उसके इलाज के लिए पैसे बटोरने का काम अपने ऑफिस से टाइम चुरा कर करना ज्यादा अच्छा लगा .....और आप सभी को जान कर सुखद एहसास होगा की लोग बहुत बढ़-चढ़ कर निरंजन के हेल्प में खड़े हो रहे हें.....मगर दुआओं की ज़रूरत अभी भी है.....
आप सभी की दुआ उसे मजबूती देगी मुझे इस पर यकीन है ......और निरंजन वापस उसी अंदाज़ में मेरे ऑफिस के सामने
खेलता नज़र आएगा...आपको क्या लगता है???
